भरत मंदिर, चित्रकूट

भरत मंदिर में भगवान राम के छोटे भाई भरत के आपसी प्रेम और सम्प र्ण की भावना को दिखाया गया है । भरत अयोध्याछ के राजपाठ के लिए भगवान राम के वन गमन के बाद उनके उत्तयराधिकारी थे । लेकि‍न उन्होआने भगवान राम को बनवास से वापस लाने के अनेक जतन किए / भगवान राम को मनाने में असफल होने पर भगवान राम की चरण पादुका अपने सिर पर रख कर ले गए और भगवान राम के राज प्रतिनिधि के रूप में अयोध्याप का राज काज सम्मा ला इस मंदिर में आज भी श्रृद्धालुओं का आर्शीवाद स्वूरूप उनके सिर पर मंदिर में रखी चरण पादुका रखी जाती है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *