महाकाल मंदिर उज्जैन

मिथकों से लेकर इतिहास तक, जनश्रुतियों से लेकर उपनिषदों तक, जैन और बौद्ध साहित्य से लेकर लोक-कथाओं तक महाकाल की नगरी उज्जैन के वैभव और महिमा का विवरण उपलब्ध है। वीर विक्रमादित्य की उज्जयिनी इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां ज्योतिर्लिंग (भगवान महाकाल) और शक्ति पीठ (हरसिद्धि देवी) के एक साथ होने का दुर्लभ संयोग उपस्थित है। देश के 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक भगवान महाकाल उज्जैन के अधिपति आदि देव माने गये है। भारतीय शास्त्रों में उज्जैन काल-गणना का प्रधान केन्द्र होने के कारण इस ज्योर्तिलिंग का महत्व सबसे अधिक है। समय के अधिष्ठाता भूतभावन भगवान महाकालेश्वर का यह रहस्यमय आराधना स्थल भारत के प्रमुख तीर्थाें में से एक है।

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